Blogs

लैंड पूलिंग से शहर में बनेंगी कालोनी

अपनी योजनाओं में बुरी तरह फंसे मेरठ विकास प्राधिकरण ने अब लैंड पूलिंग के जरिये विकास योजनाआें को धरातल पर लाने की कोशिश शुरू की है। इसके लिए किसानों और उन उद्यमियों से संपर्क किया जा रहा है, जिनके पास जमीन है। खास तौर पर मवाना रोड और बागपत रोड पर इसकी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। यदि यह हुआ तो एमडीए की ठहरी आवासीय योजनाओं को नई दिशा मिल सकेगी। नए वीसी राजेश कुमार पांडेय ने एमडीए की सभी योजनाओं की समीक्षा की और पाया कि अर्से से मेरठ में नई योजनाओं का आगाज नहीं हुआ है। शताब्दीनगर अर्से से फंसा है। यहां कोई डेवलेपमेंट नहीं हो रहा है। यहां किसान नई नीति से मुआवजे की मांग कर रहे हैं और तीन साल से ज्यादा समय से धरनारत हैं। इसके अलावा लोहियानगर, गंगानगर और वेदव्यासपुरी में भी समझौता पूरा होने के बाद ही काम शुरू हो पाएगा। अब चूंकि उप्र सरकार की कैबिनेट ने लैंड पूलिंग पॉलिसी को मंजूरी दे दी है, तो इसी को अमली जामा पहनाने की तैयारी है। सभी जोन में एमडीए अधिकारियों को लक्ष्य दे दिए गए हैं। कहा है कि वह अपने यहां किसानों की तलाश करें, जो पूल बना सकें। मेरठ में मवाना रोड पर ऐसी जमीन की तलाश है।

इस तरह हो सकती है लैंड पूलिंग

ऐसे लोग या फिर ऐसे किसानों का समूह जिनके पास एक साथ जमीन है, वे लैंड पूलिंग कर सकते हैं। सेक्टर के लिए 70 प्रतिशत जमीन एक साथ होनी चाहिए। इसमें सोसायटी बुक करानी पड़ती है।

किसानों को निशुल्क दी जाती है विकसित जमीन लैंड पूलिंग में एक साथ जमीन पर टाउनशिप विकसित की जाती है। किसानों को उनकी कुल जमीन का 25 प्रतिशत अंश विकसित भूखंडों के रूप में वापस किया जाता है। यह पूरी तरह निशुल्क होगा। विकास शुल्क भी नहीं देना होगा। न्यूनतम 25 एकड़ में यह शुरू होगी। न्यूनतम 18 मीटर चौड़े मार्ग होंगे। अन्य सभी सुविधाएं भी देनी होंगी।

इस तरह जुटेगी आय

किसी भी टाउनशिप को डेवलप करने के लिए स्कूल, अस्पताल, सड़क, पार्किंग, पार्क आदि की आवश्यकता होती है जिसमें 40 प्रतिशत जमीन इस्तेमाल हो जाती है। इसके साथ 25 प्रतिशत जमीन किसानों को दी जाएगी। बाकी 35 प्रतिशत जमीन को डेवलप कर एमडीए अपने खर्चे निकालेगा। लाभांश पर भी किसानों से बात हो सकती है।

न्यू टीपी नगर की जमीन विकल्प

एमडीए की निगाह एक फिर न्यू टीपी नगर के लिए सुरक्षित की गई पांचली की जमीन की ओर गई है। दरअसल यहां न्यू टीपी नगर का प्रोजेक्ट तो धड़ाम हो ही चुका है। ऐसे में यहां पूलिंग कर टाउनशिप डेवलप की जा सकती है। यहां किसानों के अलावा काफी जमीन उद्यमियों ने भी खरीद रखी है। ऐसे में पूल हो सकता है।

Source From :- https://www.delhismartcities.info/colony-will-be-built-in-the-city-with-land-pooling/